Ganesh Aarti Lyrics in Hindi PDF | गणेश जी की आरती हिंदी लिरिक्स

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भगवान गणेश देवो के देव महादेव शिव के पुत्र हैं। भगवान गणेश की पत्नी का नाम रिद्धि और सिद्धि है। रिद्धि और सिद्धि भगवान विश्वकर्मा की पुत्रियां हैं। आप नीचे दिए हुए डाउनलोड लिंक से श्री गणेश जी की आरती पीडीऍफ़ / Ganesh Ji Ki Aarti PDF डाउनलोड कर सकते हैं।

गणपति आदिदेव हैं जिन्होंने हर युग में अलग अवतार लिया। उनकी शारीरिक संरचना में भी विशिष्ट व गहरा अर्थ निहित है। शिवमानस पूजा में श्री गणेश को प्रणव (ॐ) कहा गया है। इस एकाक्षर ब्रह्म में ऊपर वाला भाग गणेश का मस्तक, नीचे का भाग उदर, चंद्रबिंदु लड्डू और मात्रा सूँड है।

चारों दिशाओं में सर्वव्यापकता की प्रतीक उनकी चार भुजाएँ हैं। वे लंबोदर हैं क्योंकि समस्त चराचर सृष्टि उनके उदर में विचरती है। बड़े कान अधिक ग्राह्यशक्ति व छोटी-पैनी आँखें सूक्ष्म-तीक्ष्ण दृष्टि की सूचक हैं। उनकी लंबी नाक (सूंड) महाबुद्धित्व का प्रतीक है।

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Ganesh Aarti Lyrics in Hindi PDF | गणेश जी की आरती हिंदी लिरिक्स

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  • Format: Application/PDF
  • Language: Hindi
  • Category: Religious
  • Source: zipnull.com
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गणेश जी की आरती / Ganesh (Ganpati) Aarti Lyrics in Hindi

नमस्कार मित्रों, यहाँ हम प्रस्तुत कर रहे हैं श्री गणेश आरती PDF / Ganesh Ji Ki Aarti PDF जिसके प्रभाव से आपके जीवन में आने वाले समस्त क्लेशों का नाश होगा। श्री गणेश जी को समस्त देवों में प्रथम पूज्य मन जाता अहइ अथार्त जब भी किसी प्रकार का जप-तप धर्म-कर्म इत्यादि किये जाते हैं उनके आयोजन से पूर्व श्री गणेश भगवान् का ध्यान व आव्हान करना आवश्यक होता है। श्री गणेश जी को मंगल करता दुःख हारता भी कहा जाता है क्योंकि भगवान् गणपति के आशीर्वाद से उनके भक्तों के जीवन में आने वाले दुःख व कष्ट दूर हो जाते हैं तथा भक्तों के जीवन में आने वाली सभी बाधा-विघ्नो को श्री गणेश जी हर लेते हैं। अतः श्री गजानन गणपति को समर्पित यह दिव्य आरती प्रतिदिन करने से व्यक्ति के घर में सुख -सौभाग्य की वर्षा होती है।

श्री गणेश जी आरती विधि / Shri Ganesh Aarti Vidhi in Hindi

  • आरती आरम्भ करने से पूर्व 3 बार शंख बजाएं। शंख को धीमे स्वर से उच्च स्वर की ओर बजाएं ।
  • तदोपरान्त आरती आरम्भ करें।
  • आरती के समय एक लय में घण्टी बजाएं और लय का ध्यान रखते हुए आरती गाएं।
  • आरती गाते समय शब्दों का शुद्ध उच्चारण करें।
  • आरती के लिए शुद्ध कपास अथार्त रूई से बनी घी की बत्ती का प्रयोग करें ।
  • घी या बत्ती उपलब्ध न होने पर कपूर से भी आरती की जाती है।
  • बत्तियाें की संख्या एक, पांच, नौ, ग्यारह या इक्किस रखनी चाहिए।
  • आरती संपन्न होने पर जयकारा लगते हुए श्री गणेश जी से मंगलकामना करें।

श्री गणेश जी आरती लिरिक्स PDF / Ganesh Aarti Lyrics PDF in Hindi

॥ श्री गणेशजी की आरती ॥

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

एकदन्त दयावन्त,चार भुजाधारी।

माथे पर तिलक सोहे,मूसे की सवारी॥ x2

(माथे पर सिन्दूर सोहे,मूसे की सवारी॥)

पान चढ़े फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।

(हार चढ़े, फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।)

लड्डुअन का भोग लगे,सन्त करें सेवा॥ x2

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

अँधे को आँख देत,कोढ़िन को काया।

बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥ x2

‘सूर’ श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

(दीनन की लाज राखो,शम्भु सुतवारी।

कामना को पूर्ण करो,जग बलिहारी॥ x2)

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

गणेश जी को कौन सा फूल पसंद है?

गणेश की पूजा करते समय गुड़हल के फूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। बताते हैं कि गुड़हल के फूल से गणेश जी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्त पर अपनी कृपा बरसाते हैं।

गणेश जी को खुश कैसे करे?

श्री गणेश जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका है हर दिन सुबह स्नान पूजा करके श्री गणेश जी को गिन कर पांच दूर्वा यानी हरी घास अर्पित करें। दुर्वा श्री गणेश जी के मस्तक पर रखना चाहिए। चरणों में दुर्वा नहीं रखें। दुर्वा अर्पित करते हुए मंत्र बोलें 'इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नम:'।

भगवान गणेश की बहन का क्या नाम था?

भगवान गणेश शुभता, बुद्धि और ज्ञान के देवता हैं। उनके भाई कार्तिकेय और बहन अशोक सुंदरी हैं।

रिद्धि सिद्धि किसकी बेटी थी?

प्रजापति विश्वकर्मा की दो पुत्रियां थीं, ऋद्धि और सिद्धि।

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